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अच्छे शेयर कैसे चुने? 7 Step Guide to Choose Good Stocks

अगर आपने हाल ही में स्टॉक मार्केट में कदम रखा है और आपको स्टॉक्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो मेरी यह ब्लॉग पोस्ट अच्छे शेयर कैसे चुने बहुत काम में आ सकती है। अच्छे स्टॉक पिक करना एक साइंस है जो की लगातार अध्ययन करने और जानकारी हासिल करने से आती है

आगे बढ़ने से पहले में आपको बता दूं कि यह पोस्ट सिर्फ इन्वेस्टर्स लिए है अगर आप ट्रेडिंग करते है तथा ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनना है तब यह पोस्ट आपके काम की नही है।

स्टॉक मार्केट में 2 प्रकार के इन्वेस्टर्स है

टिप के ऊपर चलने बाले – यह वो लोग होते है जो कही से एक्स्ट्रा paisa आने पर सबसे पहले उस व्यक्ति को कॉल करते है जिसने उसका demat account खुलबाया था या जिसने पहला स्टॉक buy करवाया था.

यह लोग जिस व्यक्ति से सलाह ले रहे है हो सकता हो उसने बस 200-300 रूपए के commission के चक्कर में आपका demat account खुलवाया हो शेयर बाजार के बारे में उसे कोई जानकारी न हो. टिप लेने बालो को में बता दूँ की कभी भी कोई भी टिप लेने बाला स्टॉक मार्केट से paisa नहीं बना पाया है इसके पीछे की वजह फिर कभी डिटेल में जानेगे.

सीरियसली इन्वेस्टमेंट करने बाले – यह वो लोग है स्टॉक मार्केट को सीरियसली लेते है. तथा खुद से अच्छे शेयर चुन कर स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टिंग कर रहे है. अगर आप येसा कर रहे है तो संभव है की आप अच्छा paisa बना सकते है.

वैसे तो स्टॉक सिलेक्शन के मामले में किसी की राय नही माननी चाहिए परंतु चूंकि आप नए इन्वेस्टर्स है और स्टॉक मार्केट में शेयर कैसे ऊपर नीचे होते है शेयर चुनने के लिए क्या criteria इसकी जानकारी कम है तो शुरुवात में किसी की मदद लेना ही उचित है। किताबो से पढ़ कर सीख सकते है बड़े इन्वेस्टर्स को फॉलो कर सकते है

दुनिया के बेहतरीन Investers जिन्होंने लगातार Stock market से return बनाया है वह स्टॉक्स पिक करते समय क्या सोचते है इसकी जानकारी भी आपको दूंगा।

अच्छे शेयर चुनना pure साइंस है कई सालों के अनुभव के बाद यह एक कला हो जाती है और इन्वेस्टर्स नाम से बता देते हैं कि फलाना स्टॉक कैसा है

आइए समझते है की अच्छे स्टॉक्स कैसे चुने।

शेयर कैसे चुने

अच्छे स्टॉक्स चुनने के लिए हर किसी का अपना नजरिया होता है. कई लोग कंपनी की बैलेंस शीट देखते है तो कई लोग कंपनी का विजन किसी को कंपनी के फाउंडर में इंट्रेस्ट होता है तो किसी को प्रोडक्ट में। परंतु एक इंवेस्टर होने के नाते आपको सब कुछ देखना चाहिए. 7 स्टेप जो आपको बताएँगे की शेयर कैसे चुनना है.

1. फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग स्टॉक्स

पोर्टफोलियो बनाते समय हमेशा ऐसे स्टॉक्स का चुनाव करे जो कि फंडामेंटली स्ट्रांग हो, बैलेंस शीट पर मजबूत स्थिति में हो. कोई भी शेयर फंडामेंटली स्ट्रांग है या नहीं इसके लिए निम्न चीजें देख सकते हैं

Debt

Stock pick करते समय यह ध्यान रखना चाहिए की कभी भी ऐसा शेयर न ले जिस कंपनी के ऊपर बहुत ज्यादा Debt या कर्जा हो। क्योंकि यह मैंने खुद अनुभव किया है की कर्जा धंधे को डुबा देता है अगर आपको कोई स्टॉक अन्य पैरामीटर से बहुत ज्यादा पसंद आ रहा है परंतु उस कंपनी पर डेब्ट है तो इस कर्ज के पीछे की वजह को समझना चाहिए, क्या कंपनी ने खुद को expand करने के लिए यह कर्ज लिया है और ऐसा है तब एक बार स्टॉक लिया जा सकता है

हमेशा ROE (return on equity) देखें

रिटर्न ऑन इक्विटी का अर्थ है कि कंपनी द्वारा एक फाइनेंसियल ईयर में पर्टिकुलर कीमत की इक्विटी पर कितना रिटर्न बना रही है। जैसा कि अगर किसी कंपनी का ROE 15% है तो इसका मतलब हुआ कि कंपनी ₹100 की इक्विटी पर 15 रुपए प्रॉफिट बना लेती है।

कई लोगों को यह कन्फ्यूजन हो जाता है कि कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 30 परसेंट है तो इसका मतलब है 30% रिटर्न उन्हे मिलेगा। परंतु ऐसा नही है यह सिर्फ संभावना है, स्टॉक मार्केट में शेयर की कीमत डिसाइड करती है की कितना रिटर्न बनेगा।

Consistent Growth

हमेशा यह देखना चाहिए कि कोई भी कंपनी लगातार प्रॉफिट बना रही है अथवा नहीं। ढेरो ऐसी कम्पनी मिल जायेगी जो पहले साल अच्छा प्रॉफिट बना लेती है दूसरी साल 10% भी नहीं बना पाती प्रॉफिट में बहुत ज्यादा ups and downs ज्यादा सही नहीं होता है।

लंबी अवधि में वही कंपनी अच्छा रिटर्न बना कर दे सकती है जो consistently growth कर रही हो जिसका प्रॉफिट लगातार बढ़ रहा हो।

से एक है प्रोडक्ट। अगर आप कम्पनी के प्रोडक्ट को एनालिसिस करेंगे तो आसानी से पता लगा सकते है की कम्पनी कहा तक जायेगी इस प्रोडक्ट के साथ कम्पनी स्केल कर पाएगी या नहीं।

यह भी पढ़ें -: शेयर रिसर्च के लिए जरुरी वेबसाइट

Techincal Analysis

2. बिज़नेस मोडल

अगर आपने कभी बिजनेस करने के बारे में सोचा था और किसी कारण बस पूरा नहीं हो सका तो स्टॉक मार्केट आपका सपना पूरा कर सकता है।

यहां हर बिजनेस मॉडल की कंपनी लिस्टेड है अपने अनुसार जो भी बिजनेस आपको पसंद हो उसके स्टॉक्स खरीदकर उस कम्पनी के मालिक बन सकते है। तो हमेशा yesi इंडस्ट्री में पैसा लगाइए जिसके बारे में आप जानते हो जिसकी समझ हो।

बड़े इन्वेस्टर्स की बात करें तो वह कहने को तो स्टॉक्स खरीदते है परंतु उनका नजरिया बिजनेस खरीदने का होता है। आपको IT कंपनी के उनका बिजनेस मॉडल समझ नहीं आता तो उसमे इन्वेस्ट मत कीजिए। ऑटो इंडस्ट्री समझ आती है उनका बिजनेस समझ आता है उसमे इन्वेस्ट कीजिए।

हर धंधा स्कैलेबल नही होता हर प्रोडक्ट वर्ड वाइड सेल नही हो सकता। तो हमेशा ऐसा कंपनी चुनो जिसकी सर्विस अथवा प्रोडक्ट स्केलेबल हो उस प्रोडक्ट के बिना दुनिया अधूरी सी हो।

3.कंपनी सेक्टर का फ्यूचर

कोई भी शेयर अच्छा परफॉर्म करेगा इस बात की गारंटी इस बात से बढ़ जाती है की आने वाले समय में कंपनी जिस सेक्टर कि वह सेक्टर कैसा परफॉर्म करेगा।

आने वाले समय में कौन सा सेक्टर बेस्ट रहेगा इसके लिये भारत सरकार का बजट बहुत काम में आता है बजट के द्वारा आप आसानी से पता लगा सकते है की सरकार किस फील्ड में पैसा खर्च करेगी उसके प्रोजेक्ट्स क्या है।

upcoming market boom के बारे में जाने किस sector में पैसा बनाने इसके बारे में भी जाने लगातार खबरों पर नजर रखने से यह समझ आने लगता है।

सेक्टर जिनमे आने वाले समय में अच्छी ग्रोथ की संभावना है

1. रीटेल कंज्यूमर सेक्टर

2. इंश्योरेंस सेक्टर

3. HEALTH SECTOR

4. FMCG

5. INFRASTRUCTURE

4. वैल्यू इन्वेस्टिंग

वैल्यू इन्वेस्टिंग की थ्योरी सबसे पहले ग्राहम बेल ने दी थी अपनी लिखी कई पुस्तकों में उन्होंने बताया की वैल्यू इन्वेस्टिंग कैसे आपको अमीर बना सकती है।

बाद में यही कॉन्सेप्ट ग्राहम बेल के शिष्य बिल गेट्स ने अपनाया और इसको इतना पॉपुलर कर दिया की अब दुनिया के सारे इन्वेस्टर्स वैल्यू इन्वेस्टिंग की बात करते है।

वैल्यू इन्वेस्टिंग में येसे stocks को चुनना होता है जिसकी वैल्यू एक्सपेक्टेशन से कम चल रही हो। उदाहरण के लिए समझ लेते है की कोई भी शेयर जिसकी कीमत 100 रुपए होनी चाहिए परंतु मार्केट के up and downs की वजह से 60 रुपए आ गई है

5. सही price पॉइंट

भारत में बड़े इन्वेस्टर्स में सुमार ramdeo अग्रवाल जिन्हें लाखो इन्वेस्टर्स फॉलो करते है कई बार उन्होंने अपने इंटरव्यूज में बताया है एक अच्छी वेल्थ तभी बना सकते है जब 50 रूपए का स्टॉक 10 रूपए में खरीदो और जब यही 50 रूपए का स्टॉक 200 हो जाये तब बेचो. जहा आम इन्वेस्टर को 4 गुना रिटर्न मिलेगा आप उसी स्टॉक पर 20 गुना रिटर्न बना लेंगे

वास्तविक कीमत से कम price पर मिलने बाले येसे स्टॉक्स अंडर वैल्यूड कहलाते है शेयर बाजार में कई येसे मौके आते है जब आपको स्टॉक्स डिस्काउंट में मिल जाते है इसमें एक खास ध्यान रखने बाली बात यह है की अगर आज कोई शेयर 200 रूपए का है और कल गिर कर अगर वह 100 रूपए आ जाता है तो इसका मतलब यह नही है की अब वो सस्ता हो गया उसको ले लेना चाहिए हो सकता है वो अब भी महंगा हो उसकी सही कीमत 50 रूपए हो.

नये इन्वेस्टर्स price को समझ नहीं पते और अक्सर धोखा खाते है जिसके कारन उन्हें लोस होता है आपको येसा नहीं करना है और स्मार्ट बनकर इन्वेस्टिंग करनी है example के तौर पर समझते है की मान लीजिये कोई जीन्स पेंट 1200 का मिल रहा है और अगले दिन वह 1000 का मिलने लगे तो इसका मतलब यह थोड़ी हुआ की वो सस्ता हो गया. हो सकता है की उसकी सही कीमत 600 रूपए ही हो. चूँकि आपको जीन्स की समझ है तो आप जीन्स देखकर बता सकते है. क्योंकि जीन्स हरिदने का मोटा अनुभव है. शेयर चुनते समय यह बात याद रखना चाहिए

6. PEER कंपनी से तुलना करें

किसी भी कंपनी का स्टॉक buy करने से पहले उसकी peer companies का एनालिसिस किया जाता है अगर आपको peer company नहीं पता तो में बता दूँ की peer वह होती है जो उसी सेक्टर में उसी फील्ड में काम करती है यानि की कोम्प्तिटर companies जिअसे की sun pharma की peer company Divis Lab, Cipla Ltd, lupin, Abbott है एयरटेल की peer कंपनी आईडिया वोडाफ़ोन, रिलायंस ,टाटा टेलिकॉम है

7. कम्पनी पर Legal Case Fraud Case न हो

कई कंपनी है जिसका अपने सेक्टर में एक क्षत्र राज्य चलता है उनकी competitors का मार्केट शेयर बिलकुल भी नही है वह प्रोडक्ट का synonyms बन जाती है हमें हमेसा एसी ही कंपनी को चुनना चाहिए जैसे की paints में Asian paints, toothpaste में Colgate noodles में मेग्गी इनमे कुछ तो येसा खास होगा जो उनकी competitors के पास नही है यह पॉइंट स्टॉक चुनने में काफी मदद करता है

जैसा कि हम बचपन से सुनते आए हैं कोर्ट कचहरी के चक्कर से दूर रहना चाहिए, यह बात स्टॉक मार्केट में भी लागू होती है।

इंवेसेंट से पहले देखना जरूरी है की कंपनी पर या मैनेजमेंट पर कोई लीगल केस तो नही है। अगर है तो हमें ऐसी कंपनी से दूर रहना चाहिए। क्योंकि सीधा सा फंडा कोर्ट कचहरी के चक्कर में कम्पनी काम नहीं कर पाएगी समय और पैसा दोनो खर्च होता है

वैसे भी कोर्ट कचहरी के नाम से रेप्यूटेशन खराब होती है और इन्वेस्टर्स भागने लगते हैं।

इंडस्ट्री ग्रोथ सभी इंडस्ट्री में ऐसा जरूरी नहीं है जैसे कि कुछ जैसे कि कोयला है क्या कभी ऐसा हो सकता है कि कोयला की खबर एकदम से बढ़ जाए और इससे जुड़ी कंपनियों को फायदा हो समय के साथ कोयला घटेगा और उसकी मांग भी है किसी भी कंपनी की कंपनी देखना जरूरी है दूसरी कंपनी आ रही है फ्यूचर जैसी है नहीं ऐसे होते हैं जो कि नहीं किए जा सकते उसके

दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट शेयर कैसे चुने कैसी लगी इससे जुडा कोई भी सवाल हो तो आप हमसे पुछ सकते है और आपने अभी तक demat account नही खोला है तो नीचे दी गई इमेज पर क्लिक करके खोल सकते है

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